Tuesday, February 20, 2024

..ऑफिस में चाय पिलानेवाले ने कैसे बनायीं २ करोड़ की कंपनी ?

..ऑफिस में चाय पिलानेवाले ने कैसे बनायीं २ करोड़ की कंपनी ? Doographics 

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इनफ़ोसिस में ९००० क पगार पाने से लेकर भारत की पहली डिज़ाइन कंपनी - बीड जिले महाराष्ट्रा का रहनेवाला दादासाहेब भगत। ...... इनके माता पिता गन्ने काटनेवाले लोग थे. जो रोजी रोटी के लिए ये काम करते है. जिससे वो अपन दिन का खर्चे पुरे कर पाते थे. 

बचपन में दादासाहेब भी उनके साथ गन्ना काटने जाया करते थे. ...ऐसा भी परिश्थिति आयी थी की उनकी माँ जब ६-७ महीने की प्रेग्नेंट थी फिर भी तो गन्ने को काट कर सही जगह ले जाया करती थी. 

३०० / ४०० रुपये की माँ के पैरो की बिछिया बेचनी पड़ी - वो एक बहुत हही बुरा दिन था, 

जब उनके माता पिता खेती करने जाते तो ये अपने दादाजी के साथ स्कूल जाया करते. कभी स्कूल में सो जाते थे ..और वहां पहली बार उन्होंने एक पेंटर को डिज़ाइन करते देखा. ,,,,उनसे ही डिज़ाइन सीखी। छोटे मोठे काम करते करते दादासाहेब भगत ने अपना १० की पढाई पूरी की. 

जब कभी खाने के लिए कुछ नहीं मिलता तो आलू और पानी से भी कई दिन निकले है।  

जैसे तैसे उन्होंने अपनी आईटीआई कम्पलीट की. जब उन्हें पुणे जाने था और उसके लिए उन्हें पैसे चाहिए थे ३००-४०० रूपये। ..... यही तो समय है जब उनकी माँ ने पैरो की बिछिया बेच दी. क्युकी बेटे को जॉब मिलने की उम्मीद जगी थी. 

शुरुवाती दिनों में ४००० पगार मिलते थे, लेकिन हमेशा दादासाहेब सोचते थे की उनकी पगार भी ७०००-९००० होनी चाइये ताकि सब सही से चल सके. 

आख़िरकार उन्हें एक ऑफर आया और उसमे उन्हें ९००० की पगार मिलेगी लेकिन शर्त यह थी की काम वो ऑफिस बॉय का था, उसमे उनको ऑफिस के सारे काम करने पड़ेंगे, जैसे की साफ़ सफाई , चाय पिलाना, बाथरूम साफ रखें। ...etc 

शर्म के मारे उन्होंने अपने पहचान वालो को कभी नहीं बताया की वो पोछा करते है ऑफिस में. 

लेकिन जब वो रोज दूसरे लोगो को गाडी में आते देखते थे तो वो सोचने लगे कि मैं ऐसा क्या करू की पैसे कमाने के लिए.  

फिर अगले १ से २ साल तक नाईट में जॉब करके वो कॉलेज में डिज़ाइन सी प्रोग्रामिंग करने लगे. फिर उन्होंने में रिलायंस में काम किया। वह से बहुत सारी चीजे सीखी। .हैदराबाद में जाने के बाद उन्होंने १९९९ में एक इंस्टीटुए में C + सीखा. 

गूगल इमेज. 

अब थोड़े थोड़े काम करके उनकी फाइनेंसियल कंडीशन ठीक होने लगी थी.,कुछ पैसा बचा लेने के बाद उन्होंने एक सेकंड हैंड बाइक लेली. दिखावे के चक्कर में एक गाडी ने थोक दिया और फिर घर बैठना पड़ा. एक दोस्त से लैपटॉप लेकर बहुत सारी ऑनलाइन पोर्टफोलियो बनाये। ... 

अगले कुछ महीने में उनकी मंथली इनकम सैलरी से भी ज्यादा होने लगी. इस बात का एहसास होने क बाद उन्होंने जॉब छोड़ दिया और फुल टाइम बिज़नेस करने लगे.

अचानक lockdown लगने क बाद गांव के बच्चो के साथ मिलकर उन्होंने काम करना चालू किया...और इतना अच्छा चला की ३००००० से भी ज्यादा users आ गए उनके प्लेटफार्म पे.  

उसके बाद उन्होंने डिज़ाइन के मार्किटप्लेस बनाये और आज १००००० से भी ज्यादा customer है,. और revenue लाखों और करोडो में है. 

पिछले साल २ करोड़ और आनेवाले साल ने १० करोड़ की उम्मीद कर रहे है. 

जिस माँ ने अपने पैरो की बिछिया तक बेच दी थी आज उस माँ को बहुत सारे गहने दिए है दादासाहेब ने 

..ऑफिस में चाय पिलानेवाले ने कैसे बनायीं २ करोड़ की कंपनी ? 

Monday, February 19, 2024

कहानी PAYTM की ...

कहानी PAYTM की। ...

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 जो हमारे साथ नहीं वो रोयेंगे ऐसा कहा था PAYTM  के फाउंडर विजय शेखर शर्मा २०१७ में। ...शायद उनको ये अंदाजा भी नहीं होगा की आनेवाले वक़्त में कुछ भी हो सकता है और अभी फिलहाल ये है की उनके shareholder आज उनके साथ रह कर भी रो रहे है,........और जैसा की मैंने अभी कहा की भविष्य में कब क्या होगा कैसे होगा किसी को नहीं पता। ...तो उम्मीद यही करेंगे की PAYTM जल्दी जल्दी अपनी तक;लीफ कम करे और अपने शेयर धारको को उनकी मेहनत की कमाए हुआ पैसो का सही दाम दे सके. 

फिछले कुछ दिनों में इस कंपनी में भयंकर downfall दिखा है. वही ऊपर कही हुए बात को लगभग ७ साल हो गए है. ३० January को इसका प्राइस ७६० रुपये था और अब ३२८ रुपये पर ट्रेड कर रहा है. 

PAYTM पहले सिर्फ एक मोबाइल रिचार्ज कंपनी हुआ करती थी। .ये बात है २००७ की, धीरे धीरे और भी बिल पेमेंट सुविधाएं ऐड कर दिया payment ने.

PAYTM का कस्टमर ग्रोथ ८ नवंबर २०१६ से अगले ९० दिनों में बहुत ज्यादा हो गया...वो इसलिए क्युकी तभी प्रधानमंत्री मोदी ने नोटेबंदी की थि. जिसका भरपूर फायदा उठाया PAYTM ने... कुछ लोगो का कहना था की प्रधानमंत्री मोदीजी ने जो यह कदम उठाया उसके बारे में शर्मा को पहले ही पता था। ..और इसलिए दूसरे दिन अखबारों में १ पेज में मोदीजी को PAYTM ने थैंक योय कहा. 

२०१४ में कंपनी में अपना वॉलेट ऐड किया था और २०१५ तक वो सिर्फ इलेक्ट्रिसिटी और वाटरबिल भरने की व्यवस्था थी. 

१०००० से भी ज्यादा एजेंट्स को hire किया था PAYTM ने जो उनको qrcode लोगो तक पहुंचाते। 

अच्छा PAYTM का jackmaa से भी अच्छा रिश्ता था। ...चीन के इन्वेस्टमेंट होने के कारण शर्मा को मजबूरन stake काम करना पड़ा. 

 हमेशा से ही PAYTM अपने आप को एक देशभक्ति वाला फील कराती है अपने ग्राहकों को, लेकिन आज भी चीन से फंडेड है., 

PAYTM के ऊपर डाटा चुराने और डाटा से छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगा था, 

२०१८ से ही आर बी आई ने वार्निंग दिया था क्युकी वो गवर्नमेंट के रूल्स & रेगुलेशन को फॉलो नहीं कर रहे थे, KYC घोटाला भी सामने आया जाया एक ही पैन कार्ड पे  बहुत सारे अकाउंट बने हुए था और उनमे से जायदातर अकाउंट उपयोग में ही नहीं थे, २०२१ में पेटम को फिर से झटका लगा और १ करोड़ का फाइन और फिर २०२३ में ५ करोड़ का फाइन.....इतनी बार वार्निंग देने के बाद भी जब पेटम ने अपनी ग़लतियो से सबक नहीं लिया तो फिर आर बी आई के पास और कोई चारा नहीं बचा।  और फाइनली जौनरी में अंत में आर बी आई ने २९ फ़रवरी तक के लिए रोक लगा दी.

गूगल इमेज 
फाउंडर & सी ई ओ 


एक जानकारी के अनुसार लाखो कस्टमर के अकाउंट खुले और वो भी बिना KYC कराये. 

PAYTM हमेशा से ही अपने आप को देशभक्ति और देश की सेवा करनेवालों में से दिखती है. अपने लास्ट मेसैज में भी शर्मा ने यही करने की कोशिश की थी. आगे भी कोई न कोई तरीका ढूंढ ही लय जायेगा।

हो सकता है की कोई बड़ी कंपनी PAYTM  को सहारा दे दे। .." .सहारा याद है आपको या फिर भूल गए, सुब्रतो राय "

अब देखते है कैसे और किसके सहारे PAYTM  अपना कामकाज आगे बढाती है। ..... ...durReey 


सुहानी भटनागर का निधन : बबिता ये नाम था उनका फिल्म दंगल में

सुहानी भटनागर का निधन : बबिता ये नाम था उनका फिल्म दंगल में 

आज बहुत थी दुखद समाचार आया है दंगल में काम कर चुकी और बहुत ही फेमस हुए " बापू सेहत के लिए तू तो हानिकारक है " इस गाने में उनका अभिनय का अंदाज बहुत ही अलग ही था, मात्र १९ साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया. 

ऐसा बताया का रहा है की उनके शरीर में फ्लूएड जमा हो गया था जो उनकी मौत का कारण बना. दिल्ली की एम्स में उनको इलाज चल रहा. 

अंतिम संस्कार १७थ फेब को किया जायेगा. सर्वप्रथम उनके मौत की ये जानकारी आमिर खान प्रोडक्शन हाउस में बताई, उन्होंने अपनी एक सोशल पोस्ट में इस बात को रखा. 

दंगल की सफलता ले बाद उनको कई ऑफर आने लगे थे, लेकिन उन्हें अपनी पढाई पूरी करनी थी. और इसलिए उन्होंने फिल्मो से ब्रेक लिया और अपने पढाई पे ध्यान देने लगे. 



सुहानी भटनागर जिन दवाइयों का सेवन कर रहे थें उन्ही दवाइयों की मात्रा ज्यादा होने से उनके शरीर में एक परत बन गयी और वही फ्लूएड उनकी जान ले गया. 

बताया जा रहा है की कुछ समय पहले उनका एक एक्सीडेंट हो गया था और उसी का इलाज चल रहा था , इसी दौरान ये दुःखद हादसा हो गया. 

सुहानी भटनागर सोशल मीडिया पे बहुत ज्यादा एक्टिव नहीं थी. 


कमलनाथ को कमल आया पसंद ?

 कमलनाथ को कमल आया पसंद ? अपने २३ विधायकों के साथ कामनाथ बी जे पी ज्वाइन करने जा रहे है ऐसा बताया जा रहा है।  हालाँकि इसकी अभी तक कोई आधिकारिक सुचना नहीं आयी है और ना ही अभी तक बी जे पी ने इसका कुछ ऐलान किया है. 

कुछ लोगो का ऐसा मानना है की यह सब पहले से ही निर्धारित था , और इसलिए चुनाव में कमलनाथ ने कांग्रेस को जिताने के लिए पूरी कोशिश नहीं की क्युकी पहले से ही यह प्लान बनाया जा चूका था की जैसे ही कांग्रेस चुनाव हारेगी वैसे ही कमलनाथ - कमल को हाथ में ले लेंगे। 

इसी के सिलसिले में आज वो दिल्ली पहुंचे हुए थे , साथ में उनके पुत्र नकुलनाथ भी. 

अब देखना ये है की प्रधामंत्री मोदी जो अक्सर परिवारवाद के खिलाफ होते है क्या दोनो पिता और पुत्र तो एक साथ बी जे पी में आने की अनुमति देंगे ?

बता दे की कमलनाथ गाँधी परिवार के बेहद करीबी रहे है. लगभग ४५ साल उन्होने कांग्रेस को दिए है। ..और उसी हिसाब से कांग्रेस में रहकर उन्हें अच्छे पदों का फायदा भी हुआ. 

जब पहली बार कमलनाथ चुनाव लड़े थे कांग्रेस के लिए तो इंदिरा गाँधी ने कहा था की कमलनाथ उनके ३ रे बच्चे है। 

कुछ लोगो का कहना है की ये बेफिजूल की बातें है।  पर ऐसा लगता तो नहीं है।  क्यों कमलनाथ ने चुप्पी साध रखी है , ये साफ दर्शाता है की सब कुछ सेट कर दिया गया है सिर्फ ऐलान मात्र बाकी है। 

अगर हम मान ले की कमलनाथ कांग्रेस छोड़ रहे है तो आगे आनेवाले लोकसभा चुनाव में कमलनाथ कांग्रेस को एक बड़ा झटका दे सकते है. 

आभा क्या है ?

आभा क्या है ? 

आभा १४ नंबर का एक अकाउंट है जो की यूनिक है और इंडियन हेल्थ इकोसिस्टम में पार्टिसिपेट करने का जरिया है.

आभा अकाउंट नंबर एक मजबूत और भरोषा दिलानेवाला अकाउंट नंबर है जो की आप भारत के किसी भी कोने में इसका उपयोग कर सकते है. आभा मतलब " आयुषस्यमान भारत हेल्थ अकाउंट" जो आपको डिजिटली एक्सेस देता है भारत में कही भी उपयोग करने के लिए. 

आप इसको डिजिटली यूज़ कर सकते हो और अपने रिकार्ड्स तो देख सकते है. आपको आपका ये डाटा शेयरिंग चालू करने है के लिए A b d m आभा एड्रेस लिंक को आभा अकाउंट नंबर से लिंक करना पड़ेगा. 

कौन कौन आभा अकाउंट ले सकता है ?

आभा अकाउंट होल्डर होने के लिए आपको भारत का नागरिक होना ही सब कुछ समझा जायेगा. 

डाक्यूमेंट्स क्या क्या लगते है ?

आभा एक ऑनलाइन अकाउंट ओपनिंग प्रोसेस है, जसका मतलब यह है की आभा अकाउंट ओपन करने क लिए अस्प्को कोई हार्ड कॉपी नहीं देनी है।  सारा का सारा प्रोसेस ऑनलाइन ही है।  आपको आपका आधार कार्ड, पैन कार्ड, और ड्राइविंग लाइसेंस का उपयोग करना पड़ेगा, जो आपके मोबाइल नंबर से लिंक हो. 

आभा को basically ऐसे बनाया गया है ताकि आप सारे healthcare सिस्टम का कही से भी एक्सेस प् सके, आप आसानी से अपना आभा id क्रीट कर सकते है और pdf में डाउनलोड कर सकते है.

ध्यान रहे की ये कार्ड आपकी जगह कोई और गलत इस्तेमाल नहीं कर सकता, इन सब बातों में आपकी इजाजत लगती है. 



Thursday, February 8, 2024

क्या मस्त मजाक मारा है!

 क्या मस्त मजाक मारा है!



अभी ट्रेंड में चल रहे और नीतीश कुमार

 अभी ट्रेंड में चल रहे और वायरल हो रहे सबसे बेहतरीन, नये और मनोरंजक नीतीश कुमार जोक्स, कार्टून, मीम्स कौन से हैं?






आइये आज जानकारी लेते है Boat के एक प्रोडक्ट वेव फ्लेक्स कनेक्ट के बारे में।

                     आइये आज जानकारी लेते है Boat के एक प्रोडक्ट  वेव फ्लेक्स कनेक्ट के बारे में।  स्मार्टवॉच में १० दिन तक की बैटरी  कालिंग...