Tuesday, February 27, 2024

boAt Airdopes Alpha with 35 HRS Playback - प्रोडक्ट Reveiw


आज बात करेंगे बोट ब्रांड के लेटेस्ट डिज़ाइन हैडफ़ोन की, जो की ३५ hours की प्लेबैक और १३mm  drivers , dual mic और बीस्ट मोड का हैडफ़ोन है। 

 विशेषता : 
  1. ३५ hours की प्लेबैक
  2. १३mm  drivers
  3. १० मिनट्स चार्जिंग से लेके १२० minutes 
  4. वाटर Resistance 
  5. Mic , Boat सिग्नेचर साउंड 
  6. १ ईयर वारंटी 










बड़े 13 मिमी डुअल ड्राइवर इन ईयरबड्स को वास्तव में एक अल्फा बनाते हुए हाई-ऑक्टेन boAt सिग्नेचर ध्वनि उत्पन्न करते हैं।

जब आप 35 घंटे तक के विशाल प्लेबैक समय के कारण पॉडकास्ट या नए ओटीटी रिलीज देख सकते हैं तो लंबी यात्राएं थकाऊ नहीं रह जाती हैं।

इसके अतिरिक्त, ASAPTM चार्ज यह सुनिश्चित करता है कि मात्र 10 मिनट चार्ज करने पर 120 मिनट तक का आनंद कभी बंद न हो। इसके अलावा, BEASTTM मोड आपके गेमिंग सत्र में एड्रेनालाईन की खुराक डालकर 50 एमएस कम विलंबता के साथ अंतराल को समाप्त करता है।

गतिशील ध्वनि के तालमेल के साथ, दृश्य यथार्थवादी लगते हैं। ये ईयरबड IPX5 प्रतिरोध का भी दावा करते हैं जो जिम में परेशानी मुक्त वर्कआउट के लिए पसीने और पानी के छींटों को दूर रखता है। 

एक साधारण टैप वॉयस असिस्टेंट को आपके प्रियजनों को कॉल करने से लेकर आपकी खरीदारी सूची बनाने तक कई आदेशों का पालन करने में सक्षम बनाता है।

अपनी उंगलियों पर ट्रू वायरलेस ध्वनि के अल्फ़ा के साथ, चलते-फिरते अपने कार्यों को पूरा करें।







boAt Airdopes Alpha Earbuds के साथ घंटों तक अपने पसंदीदा गानों पर थिरकते रहें। boAt की IWPTM तकनीक जोड़ी बनाने की गति बढ़ाती है ताकि आपके मनोरंजन के लिए समय बर्बाद न हो।

boAt सिग्नेचर साउंड: हमारे एयरडोप्स अल्फा के साथ पहले जैसा ऑडियो अनुभव करें। शक्तिशाली 13 मिमी ड्राइवर और boAt सिग्नेचर साउंड से सुसज्जित, अद्भुत ध्वनि का आनंद लें जो आपके संगीत को जीवंत बना देती है।


नेवर मिस ए बीट: ब्लूटूथ v5.3 का उपयोग करके डुअल पेयरिंग सुविधा के साथ अपनी दुनिया से जुड़ें। डिवाइसों के बीच निर्बाध रूप से स्विच करें, यह सुनिश्चित करते हुए कि आप कभी भी संपर्क से बाहर न हों। साथ ही, एक बार दबाने से, अपने वॉयस असिस्टेंट को सक्रिय करें और बिना एक भी बीट गँवाए नियंत्रण अपने हाथ में लें।

शक्तिशाली 13 मिमी ड्राइवरों के साथ एयरडोप्स अल्फा का परिचय जो आपको boAt सिग्नेचर साउंड के साथ अपने जाम में डुबो देता है। 35 घंटे की बैटरी लाइफ और ASAP™ चार्ज की सुविधा का आनंद लें और अपनी धुनों पर थिरकते रहें। ENx™ प्रौद्योगिकी और IWP™ प्रौद्योगिकी के साथ निर्बाध डिवाइस कनेक्शन के साथ क्रिस्टल-क्लियर कॉल का अनुभव करें, और एक अल्फ़ा की तरह अपने काम को शक्ति प्रदान करें। अल्फ़ा को उजागर करें और सच्ची वायरलेस स्वतंत्रता के साथ अपने ऑडियो अनुभव को उन्नत करें!



कृपा करके ध्यान दे की ये सिर्फ एक प्रोडक्ट के बारे में बताने की कोशिश की गयी है. आपको खरीदना या नहीं खरीदना ये आपके ऊपर है. हमारी कोई रिकमेन्डेशन नहीं है. 
प्रोडक्ट Reveiw 








Saturday, February 24, 2024

कहानी राधिका गुप्ता की - Women with Broken Nose

                                              कहानी राधिका गुप्ता की : आखों में जिनके सितारा हो सफलता का 

तो राधिका गुप्ता को आज की तारीख में हम सब जानते ही है. लेकिन अगर आप नहीं भी जानते है तो आशा करता हु अगले कुछ मिनटों में आप इंडिया की बहुत ही चर्चित और नामित पर्सनालिटी के बारे में जान जायेंगे. ज्यादा जानकारी के लिए वेबसाइट पर जाए ( durReey )

अगर अभी जिस वजह से चर्चा में है वो है उनका शार्क टैंक के सीजन ३ में आना है.

जैसा की हम सब जानते है की शार्क टैंक सीजन ३ का प्रसारण टीवी पर चालू है. 



जन्म और बचपन  : 

तो basically उनका जन्म १९८३ में एक ऐसे परिवार में हुआ जहाँ उनके पिता एक सरकारी अफसर थे. काम काज की वजह से उनका अक्सर तबादला होता रहता था. 

बचपन से ही बहुत ही होनहार स्टूडेंट थी राधिका गुप्ता. अपने आप को वो हमेशा एक गॉड गिफ्टेड टैलेंट मानती है. उनको ऐसा लगता है की उन्होंने जो भी किया सब उम्मीद से ज्यादा अच्छा हुआ. जैसे की स्कूल की पढाई ख़तम होने के बाद उन्हें आउट ऑफ़ इंडिया जाना था लेकिन उनके अंदर वो कॉन्फिडेंस नहीं आ रहा था।  तब जब उनके नजदीकी अंकल ने उनको बोला की राधिका को जाना चाहिए फिर उन्होंने उस यूनिवर्सिटी का फॉर्म भरा और खुशकिस्मत से वहां उनका enroll हो गया. और फिर वह जाकर उन्होंने पढाई पूरी की.

प्रोफेशनल कर्रिएर की शुरुवात :

सात बार रिजेक्ट हुए वो पढाई पूरी होने के बाद जब उन्होंने जॉब देखना चालू किया तब. एक समय ऐसा आया की उन्होंने sucide की भी सोच ली थी. अपने कॅरिअर के शुरुवात में उन्होंने एक बिज़नेस एनालिस्ट की। 

कुछ समय वहां काम करने के बाद उन्होंने AQR नाम की कंपनी में पोर्टफोलियो मैनेजर की नौकरी की. आनेवाले कुछ सालो में राधिका गुप्ता ने अपने पति के साथ मिलकर एक कैपिटल मैनेजमेंट स्टार्ट उप की शुरुवात की. इस कंपनी को उन्होंने २५ लाख से २०० करोड़ तक का सफर पहुंचाया. 

यहाँ से उनके स्टार्ट उप कर्रिएर का आगाज हुआ. इसके बाद जिंदगी ने उन्हें कभी पीछे मुड़ने का मौका नहीं दिया। 

२००९ से शुरुवात करने क बाद २०१४ में उन्होंने वो कंपनी edelwise Mutual फण्ड को बेच दी. और कुछ समय मैनेजमेंट edelwise Mutual फण्ड को हेड करने के बाद उन्हें मात्र ३३ की उम्र में CEO बनाया गया. अपने इस पड़ाव को भी वो गॉड गिफ्ट ही मानती है.. 





सीईओ सिर्फ ३३ की उम्र में :

CEO - उनका मानना है की जब तक हम कोई बड़ी पोजीशन में नहीं होते है हमको ऐसा लगता है की जितने भी मैनेजमेंट लेवल के लोग होते है वो एक सुपरमैन या फिर superwomen होते है , लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं होता है. राधिका यह भी मानती है की शुरुवाती दिनों में उनको बहुत कॉन्फिडेंस नहीं था खुद के ऊपर. 



वो बताती है एक बार तो उन्हें इतना डर लगा की हो मीटिंग ही नहीं attend किये, और बिना बताये वापस चले गए. 
लेकिन धीरे धीरे उन्होंने ये सब चीजें क्या और कैसे करनी है उसपे काम किया, वो ये समझती है की जब भी हम अपनी कोई प्रॉब्लम अपने टीममेट्स से बात करते है तो हमारे साथ काम करनेवाले जरूर हमारी मदद मरते है. फिर वो प्रॉब्लम चाहे कैसी भी हो. 

उन्होंने बताया की ऑफिस में ३०० से भी ज्यादा लोगो को जब कोई ऐसी बात बतानी होती है जिससे किसी को तकलीफ हो या फिर किसी डिपार्टमेंट को ही बंद करना है तो वो नहीं कर पाती थी।  लेकिन अब उन्होंने समझ लिया ता की ये चीजें उनको कैसे करन्हि है।  अपने teammates को ये सब बातें discuss करने के बाद बहुत ही आसान तरीके से वो ये चीजें कर पाते थे. 

राधिका बताते है की जब उन्होंने इसकी शुरुवात की थी तब edelwise म्यूच्यूअल फण्ड भारत में बहुत ही निचे पायदान पर था. आउट ऑफ़ ४० , ३६ नंबर ये फण्ड आता था। और अब उसमे बहुत इम्प्रोवेमेन्ट्स हुए है।  ५००० करोड़ से लेकर आज वो 1.२ लाख करोड़ का बिज़नेस कर रहे है. 

परिवारिक जीवन : 

एक sucessfull बिज़नेस वीमेन के साथ साथ वो एक माँ भी है।  उनका मानना है ये जरूरी नहीं ही एक औरत का carrier, माँ बनने के बाद ख़तम हो जाता है, वो एब बखूबी जानती है यही थोड़ा priorities जरूर शिफ्ट होती है लेकिन एक समय के बाद सब सही हो जाता है और एक औरत अपना बिज़नेस और घर बहुत ही आसानी से चला सकती है।  उनके पति का नाम :नलिन मोनीज़ है 

पहली बार उन्हें शार्क टैंक में आने का मौका मिला है, जिसके लिए वो बहुत खुश है ,  और होना भी चाहिए क्योंकी वो खुद एक बिज़नेस से है।  

सीख : उनके अंदर हमेशा से ही एक सपने को पूरा करने की चाहत रहती है , और हमेशा एक सपने को पूरा करने के बाद एक दूसरा सपना देखना उनको सही लगता है. 

अवार्ड :  

राधिका गुप्ता के योगदान ने उन्हें के अवार्ड्स भी दिलाये है. जिनमे से कुछ निचे दिए गए है :

४० अंडर ४० बिज़नेस अवार्ड - २०२१ 
बिज़नेस टुडे सबसे शक्तिशाली वूमेन बिज़नेस  - २०१९ 
फार्च्यून इंडिया की सबसे शक्तिशाली  अंडर ५० - २०२० 
young ग्लोबल अवार्ड - २०२२ 

Dated : २४ Feb २०२४ 

Wednesday, February 21, 2024

शेयर मार्किट से पैसे कैसे कमाएं ? ट्रेडिंग से पैसा कैसे कमाए ?

शेयर मार्किट से पैसे कैसे कमाएं ? ट्रेडिंग से पैसा कैसे कमाए ?

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सवाल जितना कठिन है क्या जवाब भी उतना ही कठिन है ? आसान है बस ५००० लगाओ और अगले कुछ दिनों में ५०००० बनाओ।   क्यों सही कहा ना ? है ना एकदम आसान ? रुको जरा सबर  करो 

इतना आसान नहीं है ये जैसे की दीखता है. दो इन की ट्रेनिंग लेने के बाद आपको लगता है की यार ये तो मस्त है घर बैठे पैसे आ रहे है। ..और शाम को आराम से कमा के घुमने निकल जायेंगे। ....यकिन मानो आप बिलकुल ही बेवकूफ हो ! जो दुसरो के प्रोफिटवाले vidoes देख के ये सोचने लगे हो की तुम भी कल से बस ५००० का ५०००० बना लोगे.   

हा हो सकता है की आप बना भी लो...... लेकिन कितने टाइम तक आप वो अपने बनाये हुए पैसा बचा के रख पाओगे। आनेवाले कुछ दिनों में वो सारे के सारे पैसे चले जायेंगे क्युकी आपने जो पैसा शुरुवात में बनाये। ..जैसा की आपको लगता है वो आपने बनाये वैसा नहीं है " वो अपने आप बने " क्युकी आपको ज्यादा लालच नहीं थी और चुकि वो आपके कैपिटल के पैसे थे तो आपने खोने के डर भी नहीं आने दिया।

एक कहावत तो सुनी होगी अपने, बनाने से ज्यादा बचाने में इंसान की काबिलियत समझ आती है. 

पैसा तो बन ही जायेंगे लेकिन जैसे आपने सोचा वैसे नहीं, अब यहाँ पर आता है दिमाग का खेल... 

समझ लो आपने २५००० से चालू करके अपने पहले महीने में प्रॉफिट कर लिया। ...अब वो प्रॉफिट कुछ भी हो सकता है ५००,१०००,२०००,५०००,१००००,५००००। .... अगले महीने किसी एक दिन आपका सारा का सारा पैसा जा सकता है ! 

आपको लग रहा है की ऐसे थोड़ी कोई इतना बेवकूफ होगा जो सारे पैसे गँवा देगा. तो जब पहली बार आपको loss होगा आप बहुत ही normal रहोगे। फिर जैसे ही आप अगला ट्रेड लोगो आपको अंदर से ये आवाज़ आएगी की ये वाला ट्रेड में loss नहीं होना चाहिए। अब उसी trade में आपको प्रॉफिट दिख रहा है लेकिन आप book नहीं करोगे ये सोच के की छोटा प्रॉफिट है और अगले कुछ मिंटो में आपका वह trade loss में दिख रहा होगा। ....

अब आप सोचोगे की कल भी loss था और अभी कुछ टाइम पहले तो प्रॉफिट था कम से कम उतना प्रॉफिट हो जाये तब exit कर दूंगा. अब यहाँ २ चीजें हो सकती है। .....शायद आप प्रॉफिट बना ले.......और शायद loss book कर लें 

अब loss book करने के थोड़े हो समय बाद आपका मन नहीं मानेगा और अब आप फिर से १ ट्रेड लेंगे लेकिन जल्दी से कल का loss और आज का लॉस cover हो जाये इसके लिए आप बड़ा ट्रेड लेंगे। वो भी बिना चार्ट को समझे, क्युकी आपका दिमाग सिर्फ ट्रेड लेने के बारे में सोच रहा है वो सही है की नहीं ये नहीं। 

अब आपका ट्रेड अगले कुछ मिनटों में प्रॉफिट में हो जायेगा,...और अचानक से एक बड़ी कैंडल आ जाएगी जो आपके प्रॉफिट को loss में convert कर देगी.......अब यहाँ पैर आपका दिमाग काम करना बंद कर देगा. 

लगातार loss देखते देखते आप अपने आप को कोसने लग जाओगे। 

आप खुद को बुरा बोलने लग जाओगे, अपने आप पैर आपको गुस्सा आएगा, और बिना सोचे समझे अब आप अपना सारे पैसे लगा दोगे। ..पुरे पैसे में जितनी भी quantity आएगी आप पूरा पैसा के ट्रेड ले लोगे//

और अब आगे की कहानी आप समझ ही गए होंगे...... जब कैपिटल के almost सारे पैसे loss में दिखने लगेंगे। ....तब आप decide  करोगे की आज या तो पूरा जायेगा या फिर प्रॉफिट.... और फाइनली आप उस दिन अपना पूरा का पूरा कैपिटल ZERO कर दोगे 

अगले २-४ दिन शांति से रहने के बाद अब आप फिर से कही से पैसे arrange करोगे और फिर वही कहानी...ये पैसे भी अगले कुछ दिनों में ZERO हो जायेंगे. 

अब आप या तो पूरा बंद कर doge या फिर १-२ महीने इंतज़ार करने के बाद फिर से स्टार्ट करोगे, पर अगर फिर से ये कैपिटल आपने अपनी मेहनत से कमाई है और इन पैसे के अलावा आपके पास कोई और जरिया नहीं है पैसा कमाने का।  ... तो याद रखिये फिर से वही सब होगा जैसा आपके साथ पहले हुआ था, 

याद रखिये मार्किट उसी को पैसे देता है जिसको उस पैसे की ज़रूरत रोजी रोटी के लिए नहीं हो...अगर आप ये सोच के ट्रेडिंग करते है की यहॉ से daily इतने कमा के ये कर लूंगा वो कर लूंगा " emi / और किसी से लिया हुआ कर्जा वापस कर दूंगा तो आप बिलकुल गलत हो. 

मार्केट का नियम है वो जितना आपको दे रहा है ले लो..... अगर आप मार्केट से जबरदस्ती लेने जाओगे तो मार्केट आपके कपडे तक बेच के छोड़ेगा। 

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ट्रेडिंग इतना आसान नहीं है। ..सालो की मेहनत लगती है expereience लगता है। .. जिसने कमाया है हो सकता है  उसकी जरूरत अलग हो आपसे.... किसी एक ने पैसे कमा लिए तो क्या आप भी कमा लोगे ऐसा बिलकुल भी जरूरी नहीं है। .....यस ये imposible भी नहीं है। ..लेकिन उसके लिए वो time आपको देना पड़ेगा. 

लाखों लोगों ने सचिन को कोहली को रोहित को धोनी को बैटिंग करते देखा है और वो भी ना जाने कितनी बार। ........इसका मतलब क्या आप भी उनकी तरह खेल सकते है.....सिर्फ उनको भागता देख के क्या आप भी उनकी तरह भाग सकते है ? बिलकुल नहीं, उसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी, प्रैक्टिस करनी पड़ेगी। . 

लेकिन जैसा की मैंने कहा impossible नहीं है ये। ..आप भी कर सकते हो. बस अपने आप को समझाओ कब और कितना टाइम देना है मार्किट को। ..... दुनिया का सबसे अच्छा बल्लेबाज भी हर दिन अच्छा नहीं खेल पाता है 

तो फिर आप क्यों सोचते हो की हर दिन प्रॉफिट ही आना चाहिए। ..... शुरुवात आप छोटे amount से कीजिये १-२ साल के बाद उसे आप धीरे धीरे बढ़ाइए।  

याद रखिये शुरुआती दिनों में लगाए हुए सारे पैसे ZERO  ही होते है 

Tuesday, February 20, 2024

..ऑफिस में चाय पिलानेवाले ने कैसे बनायीं २ करोड़ की कंपनी ?

..ऑफिस में चाय पिलानेवाले ने कैसे बनायीं २ करोड़ की कंपनी ? Doographics 

ज्यादा जानकारी के लिए हमारे वेबसाइट www.durReey.com पर Visit करें 

इनफ़ोसिस में ९००० क पगार पाने से लेकर भारत की पहली डिज़ाइन कंपनी - बीड जिले महाराष्ट्रा का रहनेवाला दादासाहेब भगत। ...... इनके माता पिता गन्ने काटनेवाले लोग थे. जो रोजी रोटी के लिए ये काम करते है. जिससे वो अपन दिन का खर्चे पुरे कर पाते थे. 

बचपन में दादासाहेब भी उनके साथ गन्ना काटने जाया करते थे. ...ऐसा भी परिश्थिति आयी थी की उनकी माँ जब ६-७ महीने की प्रेग्नेंट थी फिर भी तो गन्ने को काट कर सही जगह ले जाया करती थी. 

३०० / ४०० रुपये की माँ के पैरो की बिछिया बेचनी पड़ी - वो एक बहुत हही बुरा दिन था, 

जब उनके माता पिता खेती करने जाते तो ये अपने दादाजी के साथ स्कूल जाया करते. कभी स्कूल में सो जाते थे ..और वहां पहली बार उन्होंने एक पेंटर को डिज़ाइन करते देखा. ,,,,उनसे ही डिज़ाइन सीखी। छोटे मोठे काम करते करते दादासाहेब भगत ने अपना १० की पढाई पूरी की. 

जब कभी खाने के लिए कुछ नहीं मिलता तो आलू और पानी से भी कई दिन निकले है।  

जैसे तैसे उन्होंने अपनी आईटीआई कम्पलीट की. जब उन्हें पुणे जाने था और उसके लिए उन्हें पैसे चाहिए थे ३००-४०० रूपये। ..... यही तो समय है जब उनकी माँ ने पैरो की बिछिया बेच दी. क्युकी बेटे को जॉब मिलने की उम्मीद जगी थी. 

शुरुवाती दिनों में ४००० पगार मिलते थे, लेकिन हमेशा दादासाहेब सोचते थे की उनकी पगार भी ७०००-९००० होनी चाइये ताकि सब सही से चल सके. 

आख़िरकार उन्हें एक ऑफर आया और उसमे उन्हें ९००० की पगार मिलेगी लेकिन शर्त यह थी की काम वो ऑफिस बॉय का था, उसमे उनको ऑफिस के सारे काम करने पड़ेंगे, जैसे की साफ़ सफाई , चाय पिलाना, बाथरूम साफ रखें। ...etc 

शर्म के मारे उन्होंने अपने पहचान वालो को कभी नहीं बताया की वो पोछा करते है ऑफिस में. 

लेकिन जब वो रोज दूसरे लोगो को गाडी में आते देखते थे तो वो सोचने लगे कि मैं ऐसा क्या करू की पैसे कमाने के लिए.  

फिर अगले १ से २ साल तक नाईट में जॉब करके वो कॉलेज में डिज़ाइन सी प्रोग्रामिंग करने लगे. फिर उन्होंने में रिलायंस में काम किया। वह से बहुत सारी चीजे सीखी। .हैदराबाद में जाने के बाद उन्होंने १९९९ में एक इंस्टीटुए में C + सीखा. 

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अब थोड़े थोड़े काम करके उनकी फाइनेंसियल कंडीशन ठीक होने लगी थी.,कुछ पैसा बचा लेने के बाद उन्होंने एक सेकंड हैंड बाइक लेली. दिखावे के चक्कर में एक गाडी ने थोक दिया और फिर घर बैठना पड़ा. एक दोस्त से लैपटॉप लेकर बहुत सारी ऑनलाइन पोर्टफोलियो बनाये। ... 

अगले कुछ महीने में उनकी मंथली इनकम सैलरी से भी ज्यादा होने लगी. इस बात का एहसास होने क बाद उन्होंने जॉब छोड़ दिया और फुल टाइम बिज़नेस करने लगे.

अचानक lockdown लगने क बाद गांव के बच्चो के साथ मिलकर उन्होंने काम करना चालू किया...और इतना अच्छा चला की ३००००० से भी ज्यादा users आ गए उनके प्लेटफार्म पे.  

उसके बाद उन्होंने डिज़ाइन के मार्किटप्लेस बनाये और आज १००००० से भी ज्यादा customer है,. और revenue लाखों और करोडो में है. 

पिछले साल २ करोड़ और आनेवाले साल ने १० करोड़ की उम्मीद कर रहे है. 

जिस माँ ने अपने पैरो की बिछिया तक बेच दी थी आज उस माँ को बहुत सारे गहने दिए है दादासाहेब ने 

..ऑफिस में चाय पिलानेवाले ने कैसे बनायीं २ करोड़ की कंपनी ? 

Monday, February 19, 2024

कहानी PAYTM की ...

कहानी PAYTM की। ...

durReey की वेबसाइट पर जाए,  ..ज्यादा जानकारी के लिए 

 जो हमारे साथ नहीं वो रोयेंगे ऐसा कहा था PAYTM  के फाउंडर विजय शेखर शर्मा २०१७ में। ...शायद उनको ये अंदाजा भी नहीं होगा की आनेवाले वक़्त में कुछ भी हो सकता है और अभी फिलहाल ये है की उनके shareholder आज उनके साथ रह कर भी रो रहे है,........और जैसा की मैंने अभी कहा की भविष्य में कब क्या होगा कैसे होगा किसी को नहीं पता। ...तो उम्मीद यही करेंगे की PAYTM जल्दी जल्दी अपनी तक;लीफ कम करे और अपने शेयर धारको को उनकी मेहनत की कमाए हुआ पैसो का सही दाम दे सके. 

फिछले कुछ दिनों में इस कंपनी में भयंकर downfall दिखा है. वही ऊपर कही हुए बात को लगभग ७ साल हो गए है. ३० January को इसका प्राइस ७६० रुपये था और अब ३२८ रुपये पर ट्रेड कर रहा है. 

PAYTM पहले सिर्फ एक मोबाइल रिचार्ज कंपनी हुआ करती थी। .ये बात है २००७ की, धीरे धीरे और भी बिल पेमेंट सुविधाएं ऐड कर दिया payment ने.

PAYTM का कस्टमर ग्रोथ ८ नवंबर २०१६ से अगले ९० दिनों में बहुत ज्यादा हो गया...वो इसलिए क्युकी तभी प्रधानमंत्री मोदी ने नोटेबंदी की थि. जिसका भरपूर फायदा उठाया PAYTM ने... कुछ लोगो का कहना था की प्रधानमंत्री मोदीजी ने जो यह कदम उठाया उसके बारे में शर्मा को पहले ही पता था। ..और इसलिए दूसरे दिन अखबारों में १ पेज में मोदीजी को PAYTM ने थैंक योय कहा. 

२०१४ में कंपनी में अपना वॉलेट ऐड किया था और २०१५ तक वो सिर्फ इलेक्ट्रिसिटी और वाटरबिल भरने की व्यवस्था थी. 

१०००० से भी ज्यादा एजेंट्स को hire किया था PAYTM ने जो उनको qrcode लोगो तक पहुंचाते। 

अच्छा PAYTM का jackmaa से भी अच्छा रिश्ता था। ...चीन के इन्वेस्टमेंट होने के कारण शर्मा को मजबूरन stake काम करना पड़ा. 

 हमेशा से ही PAYTM अपने आप को एक देशभक्ति वाला फील कराती है अपने ग्राहकों को, लेकिन आज भी चीन से फंडेड है., 

PAYTM के ऊपर डाटा चुराने और डाटा से छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगा था, 

२०१८ से ही आर बी आई ने वार्निंग दिया था क्युकी वो गवर्नमेंट के रूल्स & रेगुलेशन को फॉलो नहीं कर रहे थे, KYC घोटाला भी सामने आया जाया एक ही पैन कार्ड पे  बहुत सारे अकाउंट बने हुए था और उनमे से जायदातर अकाउंट उपयोग में ही नहीं थे, २०२१ में पेटम को फिर से झटका लगा और १ करोड़ का फाइन और फिर २०२३ में ५ करोड़ का फाइन.....इतनी बार वार्निंग देने के बाद भी जब पेटम ने अपनी ग़लतियो से सबक नहीं लिया तो फिर आर बी आई के पास और कोई चारा नहीं बचा।  और फाइनली जौनरी में अंत में आर बी आई ने २९ फ़रवरी तक के लिए रोक लगा दी.

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फाउंडर & सी ई ओ 


एक जानकारी के अनुसार लाखो कस्टमर के अकाउंट खुले और वो भी बिना KYC कराये. 

PAYTM हमेशा से ही अपने आप को देशभक्ति और देश की सेवा करनेवालों में से दिखती है. अपने लास्ट मेसैज में भी शर्मा ने यही करने की कोशिश की थी. आगे भी कोई न कोई तरीका ढूंढ ही लय जायेगा।

हो सकता है की कोई बड़ी कंपनी PAYTM  को सहारा दे दे। .." .सहारा याद है आपको या फिर भूल गए, सुब्रतो राय "

अब देखते है कैसे और किसके सहारे PAYTM  अपना कामकाज आगे बढाती है। ..... ...durReey 


सुहानी भटनागर का निधन : बबिता ये नाम था उनका फिल्म दंगल में

सुहानी भटनागर का निधन : बबिता ये नाम था उनका फिल्म दंगल में 

आज बहुत थी दुखद समाचार आया है दंगल में काम कर चुकी और बहुत ही फेमस हुए " बापू सेहत के लिए तू तो हानिकारक है " इस गाने में उनका अभिनय का अंदाज बहुत ही अलग ही था, मात्र १९ साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया. 

ऐसा बताया का रहा है की उनके शरीर में फ्लूएड जमा हो गया था जो उनकी मौत का कारण बना. दिल्ली की एम्स में उनको इलाज चल रहा. 

अंतिम संस्कार १७थ फेब को किया जायेगा. सर्वप्रथम उनके मौत की ये जानकारी आमिर खान प्रोडक्शन हाउस में बताई, उन्होंने अपनी एक सोशल पोस्ट में इस बात को रखा. 

दंगल की सफलता ले बाद उनको कई ऑफर आने लगे थे, लेकिन उन्हें अपनी पढाई पूरी करनी थी. और इसलिए उन्होंने फिल्मो से ब्रेक लिया और अपने पढाई पे ध्यान देने लगे. 



सुहानी भटनागर जिन दवाइयों का सेवन कर रहे थें उन्ही दवाइयों की मात्रा ज्यादा होने से उनके शरीर में एक परत बन गयी और वही फ्लूएड उनकी जान ले गया. 

बताया जा रहा है की कुछ समय पहले उनका एक एक्सीडेंट हो गया था और उसी का इलाज चल रहा था , इसी दौरान ये दुःखद हादसा हो गया. 

सुहानी भटनागर सोशल मीडिया पे बहुत ज्यादा एक्टिव नहीं थी. 


कमलनाथ को कमल आया पसंद ?

 कमलनाथ को कमल आया पसंद ? अपने २३ विधायकों के साथ कामनाथ बी जे पी ज्वाइन करने जा रहे है ऐसा बताया जा रहा है।  हालाँकि इसकी अभी तक कोई आधिकारिक सुचना नहीं आयी है और ना ही अभी तक बी जे पी ने इसका कुछ ऐलान किया है. 

कुछ लोगो का ऐसा मानना है की यह सब पहले से ही निर्धारित था , और इसलिए चुनाव में कमलनाथ ने कांग्रेस को जिताने के लिए पूरी कोशिश नहीं की क्युकी पहले से ही यह प्लान बनाया जा चूका था की जैसे ही कांग्रेस चुनाव हारेगी वैसे ही कमलनाथ - कमल को हाथ में ले लेंगे। 

इसी के सिलसिले में आज वो दिल्ली पहुंचे हुए थे , साथ में उनके पुत्र नकुलनाथ भी. 

अब देखना ये है की प्रधामंत्री मोदी जो अक्सर परिवारवाद के खिलाफ होते है क्या दोनो पिता और पुत्र तो एक साथ बी जे पी में आने की अनुमति देंगे ?

बता दे की कमलनाथ गाँधी परिवार के बेहद करीबी रहे है. लगभग ४५ साल उन्होने कांग्रेस को दिए है। ..और उसी हिसाब से कांग्रेस में रहकर उन्हें अच्छे पदों का फायदा भी हुआ. 

जब पहली बार कमलनाथ चुनाव लड़े थे कांग्रेस के लिए तो इंदिरा गाँधी ने कहा था की कमलनाथ उनके ३ रे बच्चे है। 

कुछ लोगो का कहना है की ये बेफिजूल की बातें है।  पर ऐसा लगता तो नहीं है।  क्यों कमलनाथ ने चुप्पी साध रखी है , ये साफ दर्शाता है की सब कुछ सेट कर दिया गया है सिर्फ ऐलान मात्र बाकी है। 

अगर हम मान ले की कमलनाथ कांग्रेस छोड़ रहे है तो आगे आनेवाले लोकसभा चुनाव में कमलनाथ कांग्रेस को एक बड़ा झटका दे सकते है. 

आइये आज जानकारी लेते है Boat के एक प्रोडक्ट वेव फ्लेक्स कनेक्ट के बारे में।

                     आइये आज जानकारी लेते है Boat के एक प्रोडक्ट  वेव फ्लेक्स कनेक्ट के बारे में।  स्मार्टवॉच में १० दिन तक की बैटरी  कालिंग...